मेरे मार्ग पर पैर रखकर तो देख,
तेरे सब मार्ग न खोल दूँ तो कहना॥
मेरे लिए खर्च करके तो देख,
कुबेर के भंडार न खोल दूँ तो कहना॥
मेरे लिए कड़ुवे वचन सुनकर तो देख,
कृपा न बरसे तो कहना॥
मेरी तरफ आकर तो देख,
तेरा ध्यान न रखूँ तो कहना॥
मेरी बातें लोगों से करके तो देख,
तुझे मूल्यवान न बना दूँ तो कहना॥
मेरे चरित्र का मनन करके तो देख,
ज्ञान के मोती तुझमें न भर दूँ तो कहना॥
मुझे अपना मददगार बनाकर तो देख,
तुम्हें सब बन्धनों से मुक्त न कर दूँ तो कहना॥
मेरे लिए आँसू बहाकर तो देख,
तेरे जीवन में आनन्द के सागर न बहा दूँ तो कहना॥
मेरे लिए कुछ बनकर तो देख,
तुझे कीर्तिवान न बना दूँ तो कहना॥
मेरे मार्ग पर निकलकर तो देख,
तुझे शान्तिदूत न बना दूँ तो कहना॥
स्वयं को न्यौछावर करके तो देख,
तुझे हीरा न बना दूँ तो कहना॥
मेरा कीर्तन करके तो देख,
जगत का विस्मरण न करा दूँ तो कहना॥
तू मेरा बनकर तो देख,
हर एक को तेरा न बना दूँ तो कहना॥
जय श्री राधे कृष्ण
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